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रिपोर्ट कार्ड देय: 2026 विश्व कप मेज़बान शहर तैयारियों में जुटे, यातायात निवेश की जांच

2026 FIFA विश्व कप की मेज़बानी के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं — और वाशिंगटन स्थित Eno Center for Transportation की एक ताज़ा रिपोर्ट मेज़बान शहरों की यातायात अवसंरचना तैयारियों की विस्तृत जांच करती है। “गोल या मिस? 2026 विश्व कप के लिए मेज़बान शहरों का यातायात अवसंरचना में निवेश” शीर्षक वाली यह रिपोर्ट पहली बार तीन देशों — अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको — द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित विश्व कप की अभूतपूर्व चुनौतियों को उजागर करती है।

आयोजन की स्केल देखें तो समझ में आता है कि यह कोई साधारण आयोजन नहीं है। 16 मेज़बान शहरों में कुल 48 से अधिक मैच खेले जाएंगे, जिनमें न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी, लॉस एंजिल्स, डलास, सियोल और टोरंटो जैसे महानगर शामिल हैं। यूएस सॉकर फेडरेशन के अनुसार, 2022 कतर विश्व कप के दौरान अमेरिकी दर्शकों ने 10 लाख से अधिक टिकट खरीदे — और 2026 में यह संख्या काफी बढ़ने की उम्मीद है, खासकर उत्तरी अमेरिका में फुटबॉल के बढ़ते प्रशंसक आधार को देखते हुए।

Eno Center की रिपोर्ट का मूल सवाल सीधा है: क्या ये शहर इतिहास के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक के लिए पर्याप्त तैयार हैं? विशेषज्ञों का तर्क है कि विश्व कप जैसे वैश्विक टूर्नामेंट की सफलता अंतिम सिर्फ खेल पर निर्भर नहीं करती — बल्कि प्रशंसकों, एथलीटों और मीडिया के सुचारू आवागमन पर निर्भर है। 2012 लंदन ओलंपिक के दौरान ब्रिटेन की ट्रैन नेटवर्क ने एक सप्ताह में 1.2 करोड़ यात्री ढुलाई की थी — और विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 विश्व कप में उत्तरी अमेरिकी शहरों को ऐसी ही या उससे भी बड़ी क्षमता की जरूरत पड़ेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, शहरों की परिवहन प्रतिबद्धताओं में काफी अंतर है। कुछ शहरों ने एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और स्टेडियम लिंक पर भारी निवेश किया है, जबकि अन्य अभी भी अपनी योजनाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। मेट्रो और रेल परियोजनाओं में विशेष रूप से निवेश देखा जा रहा है — न्यूयॉर्क में मेट्रो अपग्रेड, लॉस एंजिल्स में रेल विस्तार, और कनाडाई शहरों में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम पर जोर दिया गया है।

भारतीय दृष्टिकोण से देखें तो यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। Sports18 और NDTV Sports जैसे भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म 2026 विश्व कप के प्रसारण की व्यापक तैयारी कर रहे हैं, और उत्तरी अमेरिका में भारतीय प्रवासी समुदाय की बड़ी उपस्थिति इस आयोजन को भारत के लिए और भी रोचक बनाती है। कनाडा के विशेष रूप से टोरंटो, वैंकूवर और मॉन्ट्रियल जैसे शहरों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं — और इन शहरों में विश्व कप मैचों की मेज़बानी उन्हें अपने घर से करीब लाती है। विश्व फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रशंसक आबादी भारत में है, और NDTV Sports के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, 68 प्रतिशत भारतीय फुटबॉल प्रशंसक 2026 विश्व कप देखने के लिए उत्सुक हैं — यद्यपि अधिकांश टेलीविज़न पर ही।

पिछले विश्व कपों से सीख लेते हुए, 2026 के आयोजकों ने कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 2014 ब्राज़ील विश्व कप के दौरान यातायात भीड़ ने कई शहरों में हालात बिगाड़ दिए थे — साओ पाउलो में मेट्रो ढांचा मैचों की मांग पूरा करने में नाकाम रहा था। 2018 रूस विश्व कप ने दिखाया कि मॉस्को जैसे शहर जिन्ह