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मैन सिटी के जेरेमी डोकू श्वसन समस्या के कारण ईरान के खिलाफ विश्व कप मैच से बाहर

मैनचेस्टर सिटी के युवा विंगर जेरेमी डोकू इन दिनों गंभीर श्वसन समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके चलते वे बेल्जियम की ईरान के खिलाफ होने वाले विश्व कप मैच में खेलने से बाहर हो गए हैं। यह खबर न केवल बेल्जियम फुटबॉल के लिए बल्कि वैश्विक फुटबॉल प्रशंसकों के लिए भी चिंताजनक है, खासकर उन अनेक भारतीय प्रशंसकों के लिए जो प्रीमियर लीग के जरिए इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी से परिचित हुए हैं।

21 वर्षीय डोकू ने मैनचेस्टर सिटी में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। इस सीजन में उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं में 8 गोल और 6 असिस्ट का शानदार आंकड़ा हासिल किया है। प्रीमियर लीग में उनकी औसत ड्रिबलिंग सफलता दर 4.2 प्रति मैच है, जो लीग में सर्वश्रेष्ठ में से एक मानी जाती है। ये आंकड़े ही बताते हैं कि बेल्जियम की टीम के लिए उनकी अनुपस्थिति कितनी बड़ी होगी।

बेल्जियम के मुख्य कोच डोमिनिको टेडेस्को ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि डोकू पिछले कुछ दिनों से बुखार और सांस लेने में कठिनाई का सामना कर रहे थे। चिकित्सा टीम ने उन्हें आराम की सलाह दी है और पूरी तरह स्वस्थ होने तक प्रशिक्षण से दूर रहने को कहा है। “जेरेमी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं, लेकिन उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। हम चाहते हैं कि वह पूरी तरह ठीक होकर लौटें,” टेडेस्को ने कहा।

भारत में भी इस खबर ने सोशल मीडिया पर जोर पकड़ा है। Sports18 और NDTV Sports जैसे भारतीय खेल मीडिया प्लेटफॉर्म इस अपडेट को लगातार कवर कर रहे हैं। प्रीमियर लीग के बढ़ते प्रशंसक आधार के कारण भारतीय फुटबॉल प्रेमी डोकू के करियर पर करीने से नजर रख रहे हैं। मैनचेस्टर सिटी की भारत में огромный फैन फॉलोइंग है, और डोकू जैसे युवा खिलाड़ियों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

डोकू का फुटबॉल करियर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2023 में स्टैंडर्ड लीज से मैनचेस्टर सिटी में 60 मिलियन यूरो की राशि में ट्रांसफर हुआ था। उस समय यह ट्रांसफर काफी चर्चित था क्योंकि डोकू एक युवा खिलाड़ी के रूप में बेल्जियम की राष्ट्रीय टीम में अपनी पहचान बना चुके थे। बेल्जियम के लिए उन्होंने अब तक 15 मैच खेले हैं और 2 गोल दागे हैं।

बेल्जियम की टीम का इतिहास बताता है कि वे हमेशा से आक्रामक फुटबॉल के लिए जाने जाते हैं। 2018 विश्व कप में उन्होंने तीसरे स्थान पर रहकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। हालांकि, हाल के वर्षों में टीम की क्षमता में कुछ गिरावट आई है, लेकिन फिर भी उनका आक्रामक खेल शैली बरकरार है। डोकू की अनुपस्थिति में टीम को रोमेलु लुकाकू, केविन डी ब्रुएन और यानिक कैरेस्को जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर रहना होगा।

मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गार्डियोला ने अंतरराष्ट्रीय ब्रेक से पहले ही डोकू की थकान को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि लगातार मैच खेलने से खिलाड़ियों को आराम की जरूरत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्लब और देश के बीच खिलाड़ियों के स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर यह बहस आगे कैसे बढ़ती है।

ईरान के खिलाफ यह मैच बेल्जियम के लिए आसान नहीं होगा। ईरानी टीम ने हाल के वर्षों में काफी प्रगति की है और उनका रक्षात्मक ढांचा मजबूत है। बिना डोकू के बेल्जियम को अपनी आक्रामक रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। संभवतः लुकास पोडॉल्स्की या जेरेमी डोकू की जगह कोई युवा खिलाड़ी को मौका मिले।

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