अलीरजा बेइरानवंद ने शनिवार रात अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ईरान को बेल्जियम के खिलाफ एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंक दिलाया, जिससे एशियाई टीम ने विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी संभावनाओं को जिंदा रखा। अल-रायान के अल-जानूब स्टेडियम में हुए इस रोमांचक मुकाबले में ईरान ने 10 खिलाड़ियों पर उतरे बेल्जियम के साथ 0-0 से ड्रॉ खेला, लेकिन इस एक अंक में भी ईरानी फुटबॉल के लिए अपार गर्व छिपा हुआ है।
बेइरानवंद ने मैच के 58वें मिनट में जो किया, वह फुटबॉल के इतिहास में दर्ज हो गया। बेल्जियम के मिडफील्डर यूरी टीलमैंस ने बॉक्स के बाहर से शानदार फ्री किक मारी जो सीधे गोल की ओर बढ़ रही थी, लेकिन बेइरानवंद ने अपनी धांसू छलांग लगाकर बॉल को क्रॉसबार से टकराकर लौटाया। इसके बाद रोमेलु लुकाकू ने रिबाउंड पर शॉट मारा, लेकिन ईरानी गोलकीपर एक बार फिर विस्मयकारी ढंग से डाइव कर गेंद को बचा लिया। यह क्षण इतना अविश्वसनीय था कि सोशल मीडिया पर इसके वीडियो ने कुछ ही घंटों में 50 मिलियन से अधिक व्यूज हासिल कर लिए, जिसमें भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों की प्रतिक्रिया सबसे अधिक थी।
भारत में स्पोर्ट्स18 और एनडीटीवी स्पोर्ट्स पर इस मैच का लाइव प्रसारण हुआ, जहां क्रिकेट प्रधान दर्शकों ने भी इस अविश्वसनीय बचाव को देखकर खूब तारीफ की। भारतीय फुटबॉल समुदाय, जो आईएसएल और भारतीय राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर करीब से नजर रखता है, ने इस मैच को लेकर अपार उत्साह दिखाया। यह बात ध्यान देने योग्य है कि भारत ने भी अब तक विश्व कप के नॉकआउट चरण में जगह नहीं बनाई है, और ईरान की इस उम्मीद पर भारतीय प्रशंसकों की नजर अपनी अपनी ख्वाहिशों की तरह टिकी हुई थी।
ईरान के लिए यह मैच ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईरान ने अब तक तीन बार विश्व कप के ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने का प्रयास किया है – 1978, 1998 और 2006 में – लेकिन हर बार उन्हें निराशा हाथ लगी। इस बार टीम के पास मेसिड बजरी, सरदार अजमौनी और कैप्टन अश्कन देजागाह जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, जो इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईरान के ग्रुप में बेल्जियम के अलावा अमेरिका और वेल्स हैं, और इस ड्रॉ के बाद उनके पास अब तीन अंक हैं, जो नॉकआउट की दौड़ में उन्हें मजबूत स्थिति में रखता है।
दूसरी ओर, बेल्जियम के लिए यह परिणाम एक बड़ा झटका है। मैच के 71वें मिनट में ईरान के खिलाफ बेल्जियम के युवा डिफेंडर नाथन न्गॉय को सीधे लाल कार्ड दिखाया गया, जिसके बाद से बेल्जियम दस खिलाड़ियों पर रह गई। बेल्जियम के कोच रोबर्टो मार्टिनेज ने मैच के बाद कहा कि यह निर्णय स्पष्ट था और उन्हें स्वीकार करना होगा, लेकिन उनकी टीम के पास अभी भी आगे बढ़ने का मौका है। बेल्जियम के स्टार खिलाफारी जैसे केविन डी ब्रून और एडन हजार्ड ने इस मैच में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया, और यह चिंता का विषय है।
आंकड़ों की बात करें तो बेइरानवंद ने इस मैच में कुल सात शॉट्स को बचाया, जो इस विश्व कप अभियान में किसी भी गोलकीपर द्वारा सबसे अधिक है। उनकी इस प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट के बेस्ट गोलकीपरों की सूची में शीर्ष पर पहुंचा दिया है। बेल्जियम ने इस मैच में कुल 18 शॉट्स लिए, जिसमें से छह ऑन टार्गेट थे, लेकिन ईरानी रक्षापंक्ति ने हर बार बेइरानवंद का सा�