2026 का फीफा विश्व कप इतिहास में पहली बार 48 टीमों के साथ खेला जाएगा, जो पिछले 32 टीमों के प्रारूप से बड़ा बदलाव है। फीफा के इस साहसिक निर्णय ने दुनिया के कई नए देशों के लिए विश्व कप का दरवाजा खोल दिया है। टूर्नामेंट की शुरुआत 12 ग्रुपों से होती है, जिनमें प्रत्येक ग्रुप में 4 टीमें हैं। हर ग्रुप की शीर्ष 2 टीमें और सर्वश्रेष्ठ 8 तीसरे स्थान वाली टीमें राउंड ऑफ 32 में पहुँचती हैं। कुल मैचों की संख्या 64 से बढ़कर 104 हो गई है, और पूरा टूर्नामेंट 39 दिनों में फैला हुआ है। अफ्रीका, एशिया और CONCACAF जैसे महाद्वीपों को अब अधिक प्रतिनिधित्व मिलता है। हालांकि कुछ आलोचकों का मानना है कि बड़े प्रारूप से प्रतिस्पर्धा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, लेकिन यह विस्तार उन देशों के लिए एक सपने के सच होने जैसा है जो पहले कभी विश्व कप में नहीं खेल पाए थे। फुटबॉल को सही मायनों में वैश्विक बनाने की यह फीफा की महत्वाकांक्षी योजना है।
48 टीमों वाले विश्व कप की पूरी व्याख्या