भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए फीफा विश्व कप 2026 का ग्रुप चरण एक रोमांचक अनुभव साबित हो रहा है। जून के महीने में तीन महाद्वीपों में फैले 48 टीमों के बीच हो रहे इस महाकुंभ को भारत में Sports18 और NDTV Sports जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक कवरेज मिल रही है, जहां दर्शक प्रतिदिन के मैचों का सीधा प्रसारण देखकर वैश्विक फुटबॉल की गहराई से जुड़ रहे हैं। तीन देशों – कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका – के संयुक्त मेजबानी में आयोजित यह टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा विश्व कप है, जहां पहली बार 48 टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरी हैं।
ग्रुप चरण के आकंडों में सह-मेजबान कनाडा ने अपनी शानदार शुरुआत को जारी रखते हुए कतर को 6-0 से करारी शिकस्त दी। यह जीत कनाडा के विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी जीत है और इसने उत्तरी अमेरिकी फुटबॉल की बढ़ती ताकत को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। कनाडाई खिलाड़ियों ने मैदान पर जो आक्रामक खेल दिखाया, वह इस बात का प्रमाण है कि मेजबानी के दबाव को उन्होंने अपनी ताकत में बदल लिया है। इसके विपरीत, 2022 विश्व कप के सेमीफाइनलिस्ट कतर के लिए यह परिणाम एक बड़ा झटका है, जिनका ग्रुप चरण से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।
साथी मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ एक कठिन लेकिन निर्णायक मुकाबला 1-0 से जीता। मैच का एकमात्र गोल पहले हाफ में हुआ, जिसके बाद दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दक्षिण कोरिया ने आक्रामक प्रयास किए, लेकिन मेक्सिकन रक्षापंक्ति ने उनके सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। इस जीत से मेक्सिको ने अपने ग्रुप में मजबूत स्थिति बना ली है और नकल-आउट राउंड में जाने की राह आसान कर दी है। दक्षिण कोरिया के लिए यह हार चिंताजनक है, हालांकि उनके प्रशंसकों की वैश्विक पहुंच अभी भी प्रभावशाली है – एक रोचक खुलासे के अनुसार, अलास्का में दक्षिण कोरिया सबसे लोकप्रिय ‘अनौपचारिक दूसरी टीम’ बनकर उभरा है, जो पूर्वी एशियाई फुटबॉल की अमेरिकी जनजातियों में बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
यूरोपीय प्रभुत्व की बात करें तो स्विट्जरलैंड ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 4-0 से हराकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। यह जीत स्विस टीम की रणनीतिक सौंदर्यबोध और टीमवर्क का उत्कृष्ट नमूना थी। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका और चेकिया के बीच का मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसमें दोनों टीमों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। अफ्रीकी और पूर्वी यूरोपीय फुटबॉल के बीच यह भिड़ंत टूर्नामेंट की विविधता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाती है।
भारतीय फुटबॉल के नजरिए से देखें तो विश्व कप 2026 का ग्रुप चरण कई मायनों में प्रासंगिक है। पिछले एक दशक में भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता में जबरदस्त वृद्धि हुई है – Indian Super League (ISL) के उदय, युवाओं का मैदान की ओर रुख, और स्थानीय प्रतिभाओं का वैश्विक मंचों पर प्रदर्शन इसका प्रमाण है। विश्व कप जै