स्पेन के 17 वर्षीय स्टार लामिने यामल ने 2026 फीफा विश्व कप के मैचडे 11 में एक ऐसा प्रदर्शन किया जिसने फुटबॉल विश्व को हैरान कर दिया। उन्होंने दो शानदार गोल करके ना केवल स्पेन को जीत दिलाई, बल्कि यह भी साबित किया कि उन्हें ‘अगला लियोनेल मेसी’ कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं है। भारत में Sports18 और NDTV Sports पर इस मैच की कवरेज देखकर करोड़ों भारतीय फैंस ने एक बार फिर याद किया कि फुटबॉल में युवा प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती।
यामल ने पिछले साल यूरो 2024 में ही स्पेन को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी, जबकि वे अभी भी किशोरावस्था में हैं। फाइनल में उनका गोल इतिहास की सबसे यादगार विजेताना गोलों में गिना जाता है। मैचडे 11 में उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 25वां गोल मनाया, जो किसी भी यूरोपीय खिलाड़ी की उम्र में सबसे तेज़ इस मुकाम तक पहुंचने का रिकॉर्ड है। उनकी औसत गोल पर खेलने की क्षमता 89 मिनट से भी कम है, जो इन्हें दुनिया के सबसे शानदार फिनिशरों में से एक बनाती है।
इस बीच, अटलांटिक महासागर के बीच बसे छोटे से द्वीपीय राष्ट्र केप वर्डे ने अपनी ऐतिहासिक विश्व कप यात्रा में एक और अविस्मरणीय अध्याय जोड़ा। ग्रुप H में उरुग्वे के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल करके केप वर्डे ने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी पहचान और मजबूत की। यह केप वर्डे का पहला विश्व कप है और वे पहले ही तीन मैचों में सात अंक हासिल कर चुके हैं, जो किसी नवागंतुक टीम का सबसे शानदार आगाज है।
केप वर्डे की टीम का गठन मुख्यतः पुर्तगाल और फ्रांस की लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों से हुआ है। उनके कप्तान नुनो मेंडेस ने इस ड्रा के बाद कहा था, “हम यहां महज प्रतिभागी बनने नहीं आए हैं। हमने अपने द्वीप के लाखों लोगों का सपना साकार करने आए हैं।” 1960 के दशक में पुर्तगाल से स्वतंत्रता पाने वाला यह देश पहले अफ्रीकी राष्ट्रों की चैंपियनशिप में ही सीमित था, लेकिन अब वे फीफा विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बड़ी टीमों को चुनौती दे रहे हैं।
भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह मैचडे विशेष रूप से रोचक रहा। भारत ने हाल ही में एशियाई कप में अच्छा प्रदर्शन किया था और दर्शकों का ध्यान अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की ओर बढ़ा है। Sports18 पर विश्व कप कवरेज को भारी टीआरपी मिल रहा है, जहां क्रिकेट के बाद अब फुटबॉल भी दर्शकों को बांधे हुए है। NDTV Sports के विश्लेषकों ने यामल की तारीफ करते हुए कहा कि वे अगले दशक के सबसे बड़े सितारे होंगे।
ग्रुप H की स्थिति अब बेहद दिलचस्प हो गई है। उरुग्वे के 10 अंक हैं और वे शीर्ष पर हैं, लेकिन केप वर्डे की सात अंकों के साथ वे पूरी तरह से नॉकआउट की रेस में बने हुए हैं। ब्राजील, जो पारंपरिक रूप से ग्रुप H की सबसे मजबूत टीम मानी जा रही थी, अभी तीसरे स्थान पर है। यह दक्षिण अमेरिकी दिग्गज की पहली बार इतनी कमजोर शुरुआत है, जो 1950 के बाद से कभी नहीं देखी गई।
यामल के प्रदर्शन ने स्पेन के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। ला रोहा ने 2010 में विश्व कप जीता था, लेकिन उसके बाद कई बार निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। अब यामल, पेड्री, गावी और विलियम्स जैसे युवाओं के साथ स्पेन एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। उनका पासिंग एक्यूरेसी 94% से ऊपर है और वे हर मैच में औसतन तीन की सटीक पास पूरे करते हैं।
आगे की राह पर नज़र डालें तो, मैचडे 12 और