जापान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम समुराई ब्लू इस समय 2026 फीफा विश्व कप की तैयारियों में जोरदार व्यस्त है, और इन तैयारियों के हर पहलू पर कड़ी नजर रखने वालों का ध्यान अब टीम चयन से लेकर खिलाड़ियों की उपलब्धता तक हर विषय पर केंद्रित है। ट्यूनीशिया के साथ होने वाले अभ्यास मैचों और लाइव अपडेट ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है, जहां भारतीय फुटबॉल प्रशंसक भी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
वर्तमान में जापानी टीम की सबसे बड़ी चर्चा इसके स्क्वाड में विदेश में जन्मे खिलाड़ियों की संभावित भागीदारी को लेकर है। बोलाविप डॉट कॉम पर प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, 2026 विश्व कप के लिए जापान की संभावित टीम में देश के बाहर जन्मे कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। इस प्रवृत्ति को समझने के लिए स्पेन जैसे फुटबॉल शक्तिशाली देशों की ओर भी नजर दौड़ानी होगी, जहां 2026 रोस्टर में भी विदेशी जन्मे खिलाड़ियों की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। यह वैश्विक फुटबॉल में एक उभरता रुझान है, जहां दुनिया भर में फैले प्रवासी समुदायों के बच्चे अपनी पैतृक टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
जापान के लिए एक बड़ा झटका मिडफील्ड के अनुभवी स्तंभ वतारु एंडो की संभावित अनुपस्थिति है। वर्ल्ड सॉकर टॉक और बोलाविप की रिपोर्ट्स में इस बात पर प्रकाशा डाला गया है कि एंडो 2026 विश्व कप में जापानी टीम का हिस्सा नहीं हो सकते। 32 वर्षीय इस खिलाड़ी ने जापान के लिए 60 से अधिक मैच खेले हैं और 2018 तथा 2022 विश्व कप में टीम की कप्तानी भी संभाली थी। एंडो की अनुपस्थिति समुराई ब्लू के मिडफील्ड में एक विशाल शून्य छोड़ेगी, और यह चिंता की बात है कि उनकी जगह कौन यह भूमिका निभाएगा।
जापानी फुटबॉल के इतिहास में याद कीजिए 1998 में जब टीम पहली बार विश्व कप में पहुंची थी, तब से लेकर आज तक टीम ने लगातार प्रगति की है। 2002, 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 में लगातार छह विश्व कप में भाग लेने वाली जापानी टीम एशियाई फुटबॉल की सबसे सफल टीम रही है। अब 2026 में यह सातवां लगातार विश्व कप होगा, जो खुद में एक कीर्तिमान है। हालांकि, इस बार टीम की संरचना में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए जापानी टीम की यह चर्चा विशेष रूप से रोचक है। भारतीय सुपर लीग (आईएसएल) में जापानी खिलाड़ियों की बढ़ती मौजूदगी ने दोनों देशों के फुटबॉल संबंधों को मजबूत किया है। केरला ब्लास्टर्स के पूर्व कोच मिक्केल स्टैम ने एक बार कहा था कि जापानी खिलाड़ी अनुशासन और कार्यशैली में अद्वितीय होते हैं। स्पोर्ट्स18 और एनडीटीवी स्पोर्ट्स पर जापानी फुटबॉल की कवरेज भी बढ़ी है, जहां समुराई ब्लू के प्रशंसकों की भारत में बढ़ती दिलचस्पी स्पष्ट दिखाई देती है।
टीम के चयन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धारणाएं बनती हैं। पूर्व डच फुटबॉलर राफेल वान डेर वार्ट ने जापान के बारे में कुछ विवादास्पद टिप्पणियां की थीं, जिनके लिए उन्होंने बाद में बीबीसी को दिए इंटरव्यू में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। यह घटना दर्शाती है कि विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों में राष्ट्रीय टीमों के प्रति पूर्वाग्रह और धारणाएं कितनी तेजी से फैलती हैं, और इन्हें सुधारने की जरूरत भी है।
आगे देखते हुए, जापान 2026 विश्व कप में अपनी स