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विश्व कप नॉकआउट राउंड में पहुंचने के लिए अमेरिकी पुरुष राष्ट्रीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर 2-0 से जीत हासिल की

क्रिश्चियन पुलिसिक के बिना अमेरिकी पुरुष राष्ट्रीय टीम का प्रदर्शन देखकर फुटबॉल जगत हैरान रह गया। 2026 फीफा विश्व कप के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर नॉकआउट राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली, और यह जीत इसलिए और खास हो गई क्योंकि टीम को अपने सबसे बड़े सितारे के बिना खेलना पड़ा।

एसी मिलान के इस 25 वर्षीय मिडफील्डर पुलिसिक ने टूर्नामेंट के पहले मैच में चोट का शिकार होने के बाद इस अहम सामने से पहले अपनी फिटनेस पर सवालिया निशान लगा दिए थे। मैच से पहले की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी कोच ने कहा था कि वे अंतिम क्षण तक इंतजार करेंगे, लेकिन अंततः सावधानी बरतते हुए उन्हें आराम दिया गया। यह निर्णय सही साबित हुआ क्योंकि उनके बिना भी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

मैच की शुरुआत में ही अमेरिका ने आक्रामक रुख अपनाया। पहले हाफ में टीम ने 58 प्रतिशत बॉल पॉज़ेशन रखा और ऑस्ट्रेलिया के रक्षकों को काफी दबाव में रखा। 34वें मिनट में वेस्टन मैककेनी ने शानदार हेडर से गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। यह मैककेनी का विश्व कप में पहला गोल था और इसने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी।

दूसरे हाफ में अमेरिका का दबाव और बढ़ गया। 67वें मिनट में युवा प्रतिभा जोशुआ सर्जेंट ने दूसरा गोल करके जीत को पक्की कर दिया। सर्जेंट ने इस सीज़न में क्लब फुटबॉल में भी शानदार फॉर्म दिखाया है और उनका यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण था कि अमेरिकी टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है।

पूर्व भारतीय फुटबॉलर और कमेंटेटर मयंक चटर्जी ने इस मैच पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “अमेरिकी टीम की यह जीत उनकी गहराई का सबूत है। भारत को भी ऐसी टीम बनाने की जरूरत है जहां एक या दो खिलाड़ियों के बिना भी टीम जीत सके।” NDTV Sports पर हो रहे विश्लेषण में इस बात पर जोर दिया गया कि युवा खिलाड़ियों को अनुभवी सितारों के साथ खेलने का मौका मिलना कितना महत्वपूर्ण है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार काफी निराशाजनक रही। सोकोर टीम, जो 2006 से लगातार विश्व कप में भाग ले रही है, इस बार ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठी थी। उनके कोच ने स्वीकार किया कि अमेरिका के खिलाफ उनकी रणनीति काम नहीं आई और टीम को अपनी गलतियों से सीखना होगा।

ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखें तो अमेरिका का यह विश्व कप अभियान काफी महत्वाकांक्षी रहा है। 2026 का विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होना है, इसलिए मेज़बान होने का फायदा उठाने की उम्मीद है। पिछली बार 2022 में कतर में अमेरिका ने ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने में सफलता हासिल की थी और इस बार वे और आगे जाने के इच्छुक हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिसिक की अनुपस्थिति में मिली यह जीत टीम के मनोबल के लिए अच्छी है। स्पोर्ट्स18 पर हो रहे विश्लेषण में कहा गया कि जब सबसे बड़ा खिलाड़ी मैदान पर नहीं होता है और टीम जीत जाती है, तो यह साबित होता है कि टीम की नींव मजबूत है। अमेरिकी फुटबॉल में पिछले दशक में काफी निवेश हुआ है और मेजर लीग