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विश्व कप 2026: अंतिम 32 में जगह बनाने की होड़ जारी

फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहली बार 48 टीमों के साथ खेला जा रहा है, जो पहले के 32 टीमों के फॉर्मेट से काफी बड़ा है। इस विस्तार ने कई नई टीमों को मंच पर आने का मौका दिया है, लेकिन साथ ही प्रतिस्पर्धा की तीव्रता भी बढ़ा दी है। ग्रुप चरण के मैच जारी हैं और अंतिम 32 (राउंड ऑफ 32) के लिए क्वालिफिकेशन की तस्वीर अभी भी रोमांचक बनी हुई है।

अभी तक किसी भी टीम ने आधिकारिक तौर पर नॉकआउट चरण में अपनी जगह सुनिश्चित नहीं की है, हालांकि कुछ टीमें अपनी स्थिति मजबूत कर चुकी हैं। यूरोपीय दिग्गज इंग्लैंड अपने ग्रुप में शीर्ष पर जाने की रेस में है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज कर भारी छाप छोड़ी। एशियाई चैंपियन जापान और दक्षिण कोरिया ने भी अपने अभियान की शुरुआत अच्छी की है, जिससे एशियाई फुटबॉल के प्रति वैश्विक सम्मान और बढ़ा है।

ब्राजील के आगे बढ़ने की संभावनाओं पर विश्लेषकों की नजर है। पेंटागन के पांच बार के विश्व चैंपियन ने अपने पहले दो मैचों में चार अंक हासिल किए हैं, जो उन्हें नॉकआउट दौर के करीब लाता है। वहीं, अर्जेंटीना ने मेसी के नेतृत्व में अपनी प्रतिष्ठा को बरकरार रखते हुए लगातार जीत दर्ज की है।

इसके विपरीत, कुछ प्रमुख टीमों के विश्व कप सपने पहले ही समाप्त हो चुके हैं। तुर्की इसी सूची में शामिल है — एक टीम जिसकी उम्मीदें शुरुआती मैचों में ही धूमिल हो गईं। यूरोपीय फुटबॉल के पारंपरिक शक्तियों में से एक जर्मनी ने भी संघर्ष किया है, हालांकि उनके पास अभी भी पुनर्वास का मौका है। क्रोएशिया और बेल्जियम जैसी पुरानी शक्तियों की स्थिति भी अनिश्चित बनी हुई है।

सह-मेजबान देशों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। कनाडा ने अपने पहस में एक बड़ा उलटफेर किया, जबकि मैक्सिको ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने मैदान पर जो आत्मविश्वास दिखाया है, वह उन्हें खिताब की दावेदारों में से एक बनाता है।

भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह विश्व कप विशेष महत्व रखता है। Sports18 और NDTV Sports जैसे भारतीय खेल मीडिया ने विस्तृत कवरेज के साथ दर्शकों को जोड़े रखा है। इंडियन सुपर लीग (ISL) के बढ़ते प्रचलन ने भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, जिससे युवा दर्शकों की दिलचस्पी वैश्विक फुटबॉल में और बढ़ी है।

हालांकि भारत 2026 विश्व कप में नहीं है, लेकिन देश में फुटबॉल की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि अगले क्वालिफिकेशन राउंड में भारत की उपस्थिति कोई स्वप्न नहीं है। AIFF (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) ने युवा विकास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया है, और 2030 तक विश्व कप क्वालिफिकेशन की आकांक्षा स्पष्ट है।

ग्रुप चरण के शेष मैच निर्णायक होंगे। आठ ग्रुप में से प्रत्येक से शीर्ष दो टीमें सीधे अंतिम 32 में प्रवेश करेंगी, जबकि चार सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान की टीमों को भी मौका मिलेगा। यह फॉर्मेट तनाव और रोमांच दोनों बढ़ाता है, क्योंकि कुछ टीमें अंतिम मिनट तक अपने भाग्य का फैसला नहीं कर पाएंगी।

आगे देखते हुए, नॉकआउट चरण और भी कड़ा होने की उम्मीद है। जो टीमें ग्रुप स्टेज में अपनी लय बनाएंगी, वे ही आगे बढ़ने की सबसे बड़ी दावेदार होंगी। फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल जैसी टीमें अप