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गलातासाराय महिला फुटबॉल टीम के नए तकनीकी निदेशक के रूप में शाबान उज़ुन की नियुक्ति

गलातासाराय ने आधिकारिक रूप से शाबान उज़ुन को क्लब की महिला फुटबॉल टीम का नया तकनीकी निदेशक नियुक्त किया है, जो क्लब के 115 वर्षीय इतिहास में महिला फुटबॉल को लेकर सबसे महत्वाकांक्षी कदमों में से एक है। यह नियुक्ति टीम के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देती है और क्लब ने उज़ुन की नेतृत्व क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया है। यह घोषणा क्लब के आधिकारिक माध्यमों से की गई और नए कोच को गलातासाराय परिवार में स्वागत किया गया।

तुर्की की महिला फुटबॉल लीग में गलातासाराय की महिला टीम ने पिछले पांच सीज़न में तीन बार लीग का खिताब जीता है, जिसमें 2022-23 सीज़न में टीम ने 78 प्रतिशत जीत दर हासिल की थी। टीम की कप्तान सेंगुल कावान ने पिछले सीज़न में 24 गोल किए थे और वह लीग की सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर रहीं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उज़ुन के सामने एक मजबूत टीम है जिसे और ऊंचाइयों तक ले जाना है।

शाबान उज़ुन महिला टीम को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में नई दृष्टि और अनुभव लाते हैं। उनका कोचिंग करियर मजबूत रणनीतिक सोच और युवा खिलाड़ियों के विकास पर केंद्रित रहा है। नए तकनीकी निदेशक की नियुक्ति का निर्णय महिला फुटबॉल कार्यक्रम को मजबूत करने और घरेलू लीग में अधिक सफलता हासिल करने की क्लब की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह नियुक्ति विशेष रूप से रोचक है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में महिला फुटबॉल ने जबरदस्त प्रगति की है। 2022 में भारतीय महिला राष्ट्रीय टीम ने SAFF चैम्पियनशिप जीती और इस साल टीम ने एशियाई कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। Sports18 पर महिला फुटबॉल मैचों का सीधा प्रसारण बढ़ा है और NDTV Sports पर महिला फुटबॉल कवरेज में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि भारत में महिला फुटबॉल के प्रति दर्शकों का रुझान बढ़ रहा है।

गलातासाराय की महिला टीम की स्थापना 2010 में हुई थी और तब से क्लब ने लगातार निवेश किया है। 2021 में क्लब ने महिला टीम के लिए अलग से फुटबॉल अकादमी स्थापित की जो अब देश की सबसे बड़ी महिला फुटबॉल अकादमी है। इस अकादमी से अब तक 15 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में जगह बना चुकी हैं। उज़ुन की नियुक्ति इसी रणनीति का हिस्सा है जिसमें क्लब न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि यूईएफए महिला चैम्पियंस लीग में भी टीम को मजबूत बनाना चाहता है।

भारत के फुटबॉल इतिहास में गलातासाराय का विशेष स्थान रहा है। 2000 में गलातासाराय ने यूईएफए कप जीता था और भारत में उस समय फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ाने में इस जीत का बड़ा योगदान था। उस दौर में कई भारतीय युवाओं ने गलातासाराय के प्रशंसक बने और आज भी गलातासाराय के लाखों भारतीय प्रशंसक हैं। अब जबकि गलातासाराय ने महिला फुटबॉल पर इतना ध्यान दिया है, भारतीय प्रशंसकों का भी इस ओर रुझान बढ़ने की संभावना है।

उज़ुन के कोचिंग स्टाफ और सीज़न के लिए उनके विशिष्ट लक्ष्यों की जानकारी आने वाले दिनों में साझा की जाएगी। हालांकि, क्लब सूत्रों के अनुसार अगले सीज़न के लिए टीम में तीन नए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल करने की योजना है। इसके अलावा टीम का बजट पिछले सीज़न की तुलना में 30 प्रतिशत बढ़ाया गया है जो क्लब की गंभीरता को दर्शाता है।

आने वाले महीनों में गलातासाराय की महिला टीम यूईएफ

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