बेल्जियम ने 2026 फीफा विश्व कप में अपना पहला गोल दर्ज करते हुए मिस्र के खिलाफ महत्वपूर्ण बराबरी हासिल की, जब रोमेलु लुकाकू मैदान में उतरीं और उनकी मौजूदगी ने बेल्जियम के आक्रमण को नई ऊर्जा दी। यह गोल मिस्र के एक खिलाड़ी ने आत्मघाती रूप से किया, जिससे स्कोर बराबर हुआ और रेड डेविल्स ने विश्व के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर अपनी मजबूत वापसी दर्ज कराई। यह क्षण बेल्जियम के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि उन्होंने इस टूर्नामेंट में अब तक गोल करने में संघर्ष किया था।
लुकाकू की एंट्री ने मैच की गति को बदल दिया। बेल्जियम के इस अनुभवी स्ट्राइकर ने जैसे ही मैदान में कदम रखा, उनकी मौजूदगी का असर तुरंत दिखा। मिस्र की रक्षापंक्ति पर दबाव बढ़ गया और अंततः यह दबाव ही उनकी गलती का कारण बना। आत्मघाती गोल से बेल्जियम को नई जान मिली और टीम ने जीत की ओर कदम बढ़ाए। यह दर्शाता है कि एक अनुभवी खिलाड़ी की उपस्थिति कितना बड़ा फर्क ला सकती है।
भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह मैच विशेष रूप से रोचक था। Sports18 और NDTV Sports जैसे भारतीय खेल मीडिया चैनलों पर इस मुकाबले की व्यापक कवरेज देखी गई। भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और विश्व कप के दौरान देर रात भी प्रशंसक अपने पसंदीदा मैच देखने के लिए जागते हैं। बेल्जियम जैसी टीमों का प्रदर्शन भारतीय दर्शकों को यूरोपीय फुटबॉल के उच्च स्तर से परिचित कराता है।
बेल्जियम ने 2018 रूस विश्व कप में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, जो उनकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। हालांकि 2022 में उन्हें निराशा हाथ लगी थी। इस बार टीम एक नए जोश के साथ उतरी है और लुकाकू जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की रीढ़ हैं। उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बेल्जियम का गोल्डन जनरेशन अभी भी प्रतिस्पर्धा में बना हुआ है। मिस्र की टीम ने भी अच्छा प्रतिरक्षा दिखाई, लेकिन अंत में बेल्जियम की गुणवत्ता भारी पड़ी।
दूसरी ओर, मैक्सिको ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका पर एक प्रभावशाली जीत दर्ज की, जहां राउल जिमेनेज ने अपना पहला विश्व कप गोल दागने का जश्न मनाया। यह जीत मैक्सिको के लिए ऐतिहासिक रही क्योंकि एल ट्राई ने लगातार तीसरे विश्व कप में प्रगति बनाई है। उन्होंने दक्षिण कोरिया को भी हराया, एक महत्वपूर्ण गोलकीपर की गलती का फायदा उठाकर। यह गलती उन्हें नॉकआउट चरण में ले गई।
मैक्सिको का विश्व कप इतिहास बेहद समृद्ध है। वे लगातार तीसरे विश्व कप के लिए नॉकआउट चरण में पहुंचे हैं और इस बार उनका लक्ष्य और ऊंचा है। टीम के कोच और खिलाड़ी जानते हैं कि क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। जिमेनेज का प्रदर्शन टीम के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि अनुभवी खिलाड़ी टीम को आगे ले जा रहे हैं।
भारत में मैक्सिको के प्रशंसकों की संख्या भी काफी है। लैटिन अमेरिकी फुटबॉल के प्रति भारतीय दर्शकों का लगाव बढ़ रहा है और मैक्सिको जैसी टीमें इसका लाभ उठा रही हैं। इंडियन सुपर लीग (ISL) के विकास ने भी भारतीय फुटबॉल को वैश्विक स्तर पर जोड़ा है और अब प्रशंसक अंतरराष्ट्रीय फुटब