न्यूजीलैंड फुटबॉल के इतिहास में शुक्रवार की रात एक नया अध्याय लिखा जा सकता है। ऑकलैंड में मिस्र के खिलाफ खेला जाने वाला यह मुकाबला ऑल व्हाइट्स को 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के नॉकआउट राउंड में पहुंचाने का मौका देगा। 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुए विश्व कप में न्यूजीलैंड ने अपना इकलौता नॉकआउट मैच खेला था, जबकि 1982 में वे पहली बार इस महामुकाबले में भाग लेने पहुंचे थे।
दर्शकों के लिए स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे शुरू होने वाला यह मैच भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह 5:30 बजे से Sports18 और JioCinema पर देखा जा सकता है। NDTV Sports और अन्य भारतीय खेल मीडिया प्लेटफॉर्म इसे व्यापक रूप से कवर कर रहे हैं, क्योंकि एशियाई फुटबॉल प्रशंसकों की नजर इस अनप्रेडिक्टेबल मुकाबले पर टिकी हुई है।
ऑशिनिया चैंपियनशिप जीतकर विश्व कप में पहुंचने वाली न्यूजीलैंड टीम ने अपने ग्रुप मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम के मैनेजर डैरिल हम्पटन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खिलाड़ियों में अविश्वसनीय आत्मविश्वास है और वे मिस्र को चौंकाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “हमारे खिलाड़ियों ने पिछले कुछ हफ्तों में जो कड़ी मेहनत की है, उसका फल हमें मिल रहा है।”
न्यूजीलैंड की टीम में क्रिस्टल पैलेस के लिए खेलने वाले क्रिस रिचर्ड्स जैसे यूरोपीय अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं। रिचर्ड्स ने इंग्लैंड की प्रीमियर लीग में 150 से अधिक मैच खेले हैं और उनका अनुभव डिफेंस में मजबूती दे रहा है। टीम के स्ट्राइकर क्रिस वुड इंग्लैंड के दूसरे डिवीजन में 20 से अधिक गोल दाग चुके हैं और उनकी फॉर्म इस मैच में निर्णायक हो सकती है।
मिस्र की टीम अफ्रीकी फुटबॉल की सबसे सम्मानित परंपराओं में से एक का प्रतिनिधित्व करती है। सात बार के अफ्रीकी राष्ट्रीय चैंपियन मिस्र ने 1934 में पहली बार विश्व कप में हिस्सा लिया था और यह उनकी लगातार तीसरी विश्व कप उपस्थिति है। लिवरपूल के सुपरस्टार मोहम्मद सलाह के नेतृत्व में मिस्र का आक्रमण दुनिया के सबसे खतरनाक आक्रमणों में से एक माना जाता है। सलाह ने 2023-24 सीजन में प्रीमियर लीग में 18 गोल किए और उनकी स्पीड तथा ड्रिबलिंग स्किल्स न्यूजीलैंड के डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती होंगी।
इतिहास की बात करें तो दोनों टीमों के बीच यह पहला आधिकारिक मुकाबला है। हालांकि, मिस्र ने 1990 के विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था जब वे नॉकआउट राउंड तक पहुंचे थे। वहीं, न्यूजीलैंड का सबसे यादगार विश्व कप प्रदर्शन 2010 में रहा जब उन्होंने इटली जैसी टीम के साथ 1-1 का ड्रॉ खेला था।
भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह मैच विशेष रूप से दिलचस्प है। भारत ने 1950 में विश्व कप में हिस्सा लिया था, लेकिन उसके बाद से कभी इस महामुकाबले में नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में न्यूजीलैंड जैसी छोटी फुटबॉल इकोसिस्टीम वाली टीम का नॉकआउट राउंड में जाने का सपना भारतीय फुटबॉल प्रेमियों को भी प्रेरित करता है। Sports18 पर मैच की कमेंट्री हिंदी में उपलब्ध होगी, जिससे देश के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसक इसे आसानी से समझ सकेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच ग्रेम आर्नोल्ड की देखरेख में न्यूजीलैंड ने पिछले चार वर्षों में शानदार प्रगति की है। टीम ने 2023 में ऑशिनिया चैंपियनशिप में फाइनल में ताहिती को 4-1 से हराया था और इस दौरान उन्होंने 22 गोल दागे जबकि के