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डे ज़ेरबी दूसरे सीज़न की तैयारी में जबकि टोटेनहम का कठिन अंतिम दौर

टोटेनहम हॉटस्पर ने जब रॉबर्टो डे ज़ेरबी को अपना नया मुख्य प्रशिक्षक नियुक्त किया, तो उत्तरी लंदन के प्रशंसकों में एक नई उम्मीद जगी। इटली के इस आक्रामक प्रबंधक ने ब्राइटन एंड होव एल्बियन में अपने कार्यकाल के दौरान प्रीमियर लीग में एक अलग पहचान बनाई थी, और अब वह स्पर्स के साथ अपने पहले पूर्ण सीज़न की तैयारी में जुटे हैं। 2026-27 प्रीमियर लीग सीज़न के लिए फिक्सचर सूची जारी होने के साथ ही स्पष्ट हो गया है कि डे ज़ेरबी की टीम के सामने एक असाधारण रूप से कठिन अंतिम दौर आने वाला है, जो क्लब की योजनाओं और आकांक्षाओं को गंभीर परीक्षण में डालेगा।

प्रीमियर लीग भारत में सबसे लोकप्रिय विदेशी खेल प्रतियोगिता है, और Sports18 पर मैचों का प्रसारण हर सप्ताहांत लाखों भारतीय दर्शकों तक पहुंचता है। NDTV Sports और अन्य भारतीय खेल मीडिया प्लेटफॉर्म भी लीग की कवरेज बढ़ाते रहते हैं, जिससे टोटेनहम जैसी टीमों के प्रशंसकों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। भारतीय फुटबॉल प्रेमी जो पिछले एक दशक में प्रीमियर लीग के आगंतुक बने हैं, वे समझते हैं कि इस लीग में किसी भी टीम के लिए स्थिरता बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण है।

टोटेनहम का इतिहास इसी अस्थिरता की कहानी कहता है। 2019 से अब तक क्लब ने चार अलग-अलग प्रबंधकों को आजमाया है, और सबसे हालिया प्रयोग एंज पोस्टेकोग्लू थे, जिन्हें बर्खास्त करने के बाद डे ज़ेरबी को जिम्मेदारी सौंपी गई। यह क्लब का 17वां प्रबंधक परिवर्तन 2008 के बाद से है, जो प्रीमियर लीग के किसी भी क्लब से अधिक है। इस आंकड़े से समझा जा सकता है कि टोटेनहम के लिए निरंतरता हासिल करना कितना कठिन रहा है।

डे ज़ेरबी की विशेषज्ञता उनकी बॉल-प्रेसिंग और आक्रामक खेल शैली में निहित है। 2023-24 सीज़न में ब्राइटन के साथ उन्होंने प्रीमियर लीग में सबसे ज्यादा गोल-अंतर (+19) हासिल किया था, जबकि उनकी टीम ने 72 गोल किए थे, जो लीग में पांचवां सबसे अधिक था। यद्यपि वे सीज़न के अंत में चैंपियंस लीग स्पॉट हासिल नहीं कर सके, लेकिन उनकी खेल दर्शन ने फुटबॉल विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। सनमीर माउंट, एलेक्सिस मैक अलिस्टर और मोइसेस कैसेडो जैसे खिलाड़ियों का विकास उनकी कोचिंग क्षमता का प्रमाण है।

2026-27 फिक्सचर सूची के अनुसार, टोटेनहम का सीज़न अंत मई में होगा, और उस अंतिम दौर में उन्हें लिवरपूल, आर्सेनल, मैनचेस्टर सिटी और चेल्सी जैसी टीमों का सामना करना पड़ेगा। यह समय-सारणी उनकी गहराई का परीक्षण करेगी, खासकर यदि वे किसी यूरोपीय प्रतियोगिता में भी आगे बढ़ते हैं। पिछले सीज़न में टोटेनहम ने 61 अंक हासिल किए थे, जो आठवें स्थान के लिए पर्याप्त था, और यह क्लब के लिए एक कठिन अवधि का संकेत था।

डे ज़ेरबी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाएं। प्रीमियर लीग के इतिहास में टोटेनहम एकमात्र ऐसा क्लब है जिसने सात बार शीर्ष चार में रहते हुए भी खिताब नहीं जीता है। यह “टोटेनहम टेंशन” की सामान्य ख्याति के लिए जिम्मेदार है, जहां टीम बड़े मैचों में अंतिम क्षणों में अंक गंवाती रही है। 2015-16 में लीग का शीर्ष स्थान होने के बावजूद खिताब न जीतना और 2019 में चैंपियंस लीग फाइनल में लिवरपूल से हार इन निराशाजनक क्षणों में शामिल हैं।

भारतीय दर्शकों के लिए टोटेनहम की यात्रा विशेष रूप से दिलचस्प है क्योंकि क्लब ने हाल के वर्षों में भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। मुंबई सिटी फुटबॉल क्लब के साथ इसके संबंधों ने भी दोनों क्लबों के बीच जुड़ाव बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर �

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